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गाय के घी के फायदे

देसी गाय के घी को रसायन कहा गया है जो जवानी को कायम रखते हुए बुढ़ापे को दूर रखता है। गाय का घी खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा हो जाता है। गाय के घी में स्वर्ण छार पाए जाते हैं जिसमें अदभुत औषधीय गुण होते हैं जो गाय के घी के इलावा अन्य … Read more

गौ-मूत्र के फायदे

गौ-मूत्र के फायदे आयुर्वेद में कई बताए गये हैं. गाय के पेशाब (Cow Urine) से कैंसर तक का इलाज किया जा सकता है. गौ-मूत्र से त्वचा की देखभाल भी की जा सकती है. भारतीय आयुर्वेद के अनुसार गौ-मूत्र या गाय के पेशाब के क्या-क्या फायदे हैं, यहां जान सकते हैं. गौ-मूत्र अर्थात गाय के पेशाब … Read more

गाय के दूध के फायदे

गाय के दूध के पौष्टिक तत्व गाय के दूध के फायदे जानने के साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्वों को जान लेना भी जरूरी है। नीचे दिए गए टेबल में हम आपको बताएंगे प्रति 100 ग्राम गाय के दूध में कितनी मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम ऊर्जा … Read more

गरुड़ासन

गरुड़ासन क्या हैं गरुड़ासन शब्द एक संस्कृत भाषा का शब्द है जो कि दो शब्दों से मिलके बना है जिसमे पहला शब्द “गरुड़” जिसका अर्थ “ईगल” हैं और दूसरा शब्द “आसन” हैं जिसका अर्थ “पोज़” हैं। भारतीय पौराणिक कथाओं से पता चलता है कि गरुड़ सभी पक्षियों का राजा था। इस पक्षी ने न केवल … Read more

वस्त्रधौति

वस्त्रधौति विधि, लाभ वस्त्र’ का अर्थ है कपड़ा। पेट एवं भोजन नली को कपड़े से साफ करने की क्रिया वस्त्रधौति है। वस्त्रधौति एक अत्यंत लाभकारी शोधन योग क्रिया है जो पुरे शरीर को साफ करते हुए शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर से हानिकारक पदार्थ को वस्त्र के मदद … Read more

कुंजल क्रिया

 कुंजल क्रिया के लाभ इस क्रिया के अभ्यास से तीन अंगों को लाभ मिलता है- पहला जिगर (लिवर), दूसरा हृदय (हार्ट) और तीसरा पेट की आंते (इंटेस्टाइन)। इस क्रिया को करने से व्यक्ति शरीर और मन में बहुत ही अच्छा फिल करता है। व्यक्ति में हमेशा प्रसंन्न और स्फूति बनी रहती है। इस क्रिया को … Read more

कुंजल क्रिया

कुंजल क्रिया के लाभ इस क्रिया के अभ्यास से तीन अंगों को लाभ मिलता है- पहला जिगर (लिवर), दूसरा हृदय (हार्ट) और तीसरा पेट की आंते (इंटेस्टाइन)। इस क्रिया को करने से व्यक्ति शरीर और मन में बहुत ही अच्छा फिल करता है। व्यक्ति में हमेशा प्रसंन्न और स्फूति बनी रहती है। इस क्रिया को … Read more

सूत्रनेति

सूत्रनेति क्या है ? ‘नेति’ हठयोग की क्रिया है जो श्वास मार्ग की सफाई से संबंधित है। इसमें गले की सफाई होती है। प्राणायाम का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए पहले नेति क्रिया करनी चाहिए ताकि श्वास नली सही तरीके से साफ हो जाए। सूत्रनेति में बारीक धागा नाक के एक छेद में … Read more

जल नेति

जलनेति में नासिका मार्ग की सफाई हेतु जल का प्रयोग होता है। यह योग क्रिया आपके पुरे नासिका छिद्र को साफ करने में मदद करता है। इस तरह से जलनेति आपको बहुत सारी बीमारी एवं परेशानियो से बचाता है। जलनेति के लिए एक लम्बी टोटी (नली) लगे लोटे या बर्तन की आवश्यकता होती है। इस … Read more