Bakasana

बकासन क्या है बकासन संस्कृत के दो शब्दों बक (Baka) और आसन (Asana) से मिलकर बना है, जहां बक का अर्थ बक या बगुला (Crane) और आसन का अर्थ मुद्रा ( Posture) है। इस आसन को करते समय बगुले की तरह पैर उठाकर शरीर का संतुलन बनाया जाता है इसी कारण इसे बकासन कहा जाता … Read more

सूत्रनेति

सूत्रनेति क्या है ? ‘नेति’ हठयोग की क्रिया है जो श्वास मार्ग की सफाई से संबंधित है। इसमें गले की सफाई होती है। प्राणायाम का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए पहले नेति क्रिया करनी चाहिए ताकि श्वास नली सही तरीके से साफ हो जाए। सूत्रनेति में बारीक धागा नाक के एक छेद में … Read more

योग का इतिहास

योग का इतिहास:- परिचय : योग तत्‍वत: बहुत सूक्ष्‍म विज्ञान पर आधारित एक आध्‍यात्मि विषय है जो मन एवं शरीर के बीच सामंजस्‍य स्‍थापित करने पर ध्‍यान देता है। यह स्‍वस्‍थ जीवन – यापन की कला एवं विज्ञान है। योग शब्‍द संस्‍कृत की युज धातु से बना है जिसका अर्थ जुड़ना या एकजुट होना या … Read more

शीर्षासन

शीर्षासन एक प्रकार का योग आसन है। जिसके कई प्रकार के फायदे होते हैं। साधारण तौर पर हमारी शरीर में जब कोई बीमारी होती है। तो उसे हम चिकित्सक द्वारा निर्धारित मेडिकेशन से ठीक कर लेते हैं। लेकिन जब मानसिक रूप से कोई समस्या होती है, तो इसका उपाय ज्यादातर दवाओं से ठीक नहीं किया जा … Read more

उज्जायी प्राणायाम

उज्जायी प्राणायाम क्या है शब्द “उज्जायी” संस्कृत के उपसर्ग “उद्” और “जि” से बना है: उज्जायी (अजय), जिसका अर्थ है “विजय”, “जो विजयी है”। इस प्रकार उज्जायी प्राणायाम का अर्थ है “विजयी श्वास “।   उज्जायी प्राणायाम करने का तरीका किसी भी आरामदायक आसान में बैठ जायें। पूरे शरीर को शिथिल कर लें। समान रूप से श्वास … Read more

भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम क्या है भस्त्रिका प्राणायाम भस्त्र शब्द से निकला है जिसका अर्थ होता है ‘धौंकनी’। वास्तविक तौर पर यह प्राणायाम एक भस्त्र या धौंकनी की तरह कार्य करता है। धौंकनी के जोड़े की तरह ही यह ताप को हवा देता है, भौतिक औऱ सूक्ष्म शरीर को गर्म करता है। जहाँ तक बात रही भस्त्रिका … Read more

प्राणायाम

                                          प्राणायाम क्या है? प्राण वह शक्ति है जो हमारे शरीर को ज़िंदा रखती है और हमारे मन को शक्ति देती है। तो ‘प्राण’ से हमारी जीवन शक्ति का उल्लेख होता है और ‘आयाम’ से … Read more

पश्चिमोत्तानासन योग

पश्चिमोत्तानासन योग क्या है पश्चिमोत्तानासन दो शब्द मिल कर बना है -‘पश्चिम’ का अर्थ होता है पीछे और ‘उत्तांन’ का अर्थ होता है तानना। इस आसन के दौरान रीढ़ की हड्डी के साथ शरीर का पिछला भाग तन जाता है जिसके कारण इसका नाम पश्चिमोत्तानासन दिया गया है। यह स्वस्थ के लिए बहुत ही ज़्यदा … Read more

ज्ञान मुद्रा

ज्ञान मुद्रा क्या है :- संस्कृत में ज्ञान का मतलब होता है बुद्धिमत्ता। इसे अंग्रजी में Mudra of Knowledge भी कहा जाता है। इसका नियमित अभ्यास करने से बुद्धिमत्ता में वृद्धि होती है। जब हम ज्ञान मुद्रा में योग करते हैं तो हमारी बुद्धि तेज होती है। इसलिए इस योग को करने के लिए ध्यान … Read more

महा मुद्रा

महा मुद्रा का महत्व योग के अनुसार आसन और प्राणायाम की स्थिति मुद्रा कहलाती है। बंध, क्रिया और मुद्रा में आसन और प्राणायाम दोनों ही होते हैं। योग में मुद्राओं को आसन और प्राणायाम से भी बेहतर माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आसन से शरीर की हडि्डयां लचीली और मजबूत बनती है, मुद्राओं से … Read more